उद्धरण - आचार्य श्रीराम शर्मा (गायत्री परिवार)
📌 संकलन — विचार: पं. श्रीराम शर्मा आचार्य (अखिल विश्व गायत्री परिवार)। यह रचना मूल लेखक की है; यहाँ केवल पढ़ने और साझा करने के लिए रखी गई है। सभी अधिकार मूल लेखक/प्रकाशक के पास हैं। १ अपना मूल्य समझो और विश्वास करो कि तुम संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हो २ अपने को मनुष्य बनाने का प्रयत्न करो, यदि इसमें सफल हो गए तो हर काम में सफलता मिलेगी ३ सद्ज्ञान और सत्कर्म यह दो ईश्वर प्रदत्त पंख हैं, जिनके सहारे स्वर्ग तक उड़ सकते हैं ४ गृहस्थ एक तपोवन है, जिसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना करनी पड़ती है ५ प्रसन्न रहने के दो ही उपाय हैं, आवश्यकतायें कम करें और परिस्थितियों से तालमेल बिठायें ६ शालीनता बिना मोल मिलती है पर उससे सब कुछ ख़रीदा जा सकता है ७ मन का संकल्प और शरीर का पराक्रम यदि किसी काम में पूरी तरह लगा दिया जाये, तो सफलता मिलकर रहेगी ८ पुण्य की जड़ हरी रहती है और पाताल तक जाती है, उसके सत्परिणाम जन्म-जन्मान्तरों तक उपलब्ध होते रहते हैं ९ सद्गुणों की खाद और सचाई का पानी पाकर व्यक्तित्व का पौधा विकसित होता है १० धर्म को संकीर्णता के बाड़े में बंद न करें उसे व्यवहार में उतरने दें ता...