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Lockdown 3.0 Day1-2 May 5, 2020

आज   है   दूसरा   दिन ,  लॉकडाउन   का   तृतीय   चरण , जीवन   का   अर्धशतक ,  चल   रहा   कोरोना   से   रण। भागवत   के   सप्ताह   पारायण   का ,  हुआ   प्रथम   दिन , कर   लूँगा   दो   सप्ताह   में ,  एक   पारायण   में   दो   दिन।   जन्मदिवस   के  40  दिन   पहले   देश   में   लॉकडाउन , ऑफ़िस   में   छुट्टी   भले ,  पर   स्वयं   का   हो   संवर्धन ,  प्रथम   लॉकडाउन   में   पढ़ा ,  रामचरितमानस   को , द्वितीय   में   गीता   की   अद्भुत   टीका   साधक   संजीवनी   को।   तृतीय   का   उपयोग   हो   रहा   है   भागवत   पारायण   में , ईश्वर   कृपा   से   लाभ   होता   है ,  गृह   वातावरण   में।   ...

Birthday on 5th May 2011

क्या कुछ लिखना है इकतालीस वर्षों के बाद, लगता है कि जीवन का एक अध्याय पूर्णता की ओर है ? कुछ लोग, कभी - कभी कहते हैं हास्य में, कि ईश्वर ने आदमी को ४० वर्षों की आयु ही प्रदान की थी | मुझे क्या लगता है इससे किसी को क्या फर्क पड़ता है ? लेकिन आदमी की तलाश सारी उम्र इसी हालात की है, कि उसके अच्छा लगने की लोग चिंता करें, आए और पूछे कि आपको क्या अच्छा लगता है और फिर वैसा करें | कभी कभी लगता है कि क्या मेरे भीतर भी कुछ होता है ? या सब कुछ सिर्फ बाहर ही होता रहता है ? लगता है कि केवल भावना है भीतर और तथ्य है सारे बाहर, लेकिन सब कहते हैं कि भावुकता में कुछ नहीं रखा है | भावना को मिले समष्टि का आधार, तो फिर बन जाती है संवेदनशीलता, और इससे ही खुल जाता है द्वार, मानव मस्तिष्क के विकास का | भाव की व्यापकता से प्राप्त हो सकता है बोध इस ब्रह्माण्ड का, और हो सकता है ज्ञान निज स्वरूप और अपनी आत्मा का | जानना क्यों चाहता है मानव कुछ और, क्या पर्याप्त नहीं है अपना घर-परिवार, क्यों भटकता है मन किसी और के लिए, जबकि व्यस्तता पहले से ह...